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Showing posts from October, 2017

बदल गये बिहार बोर्ड के मेट्रिक और इंटर परीक्षा के नियम, अब पाएं ज्यादा नंबर

बिहार बोर्ड ने मेट्रिक और इंटर परीक्षा नियमों में बडा बदलाव किया है ,आज सोमबार को बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने प्रेस कांफ्रेंस में किए गए बदलावों की जानकारी दी। अब बिहार बोर्ड के परीक्षार्थियों को भी ज्यादा नंबर लाने का मौका मिलेगा, अध्यक्ष के अनुसार ये सारे बदलाव आगामी सेंटअप परीक्षा में भी लागू होंगे। अब मेट्रिक और इंटर परीक्षा में 50% प्रश्न ऑब्जेक्टिवस् होंगे और सभी हर ऑब्जेक्टिव प्रश्न के 1 मार्क्स मिलेंगे और बाकी के 2 और 5 मार्क्स मिलेंगे। बदले गये पेटर्न के अनुसार बोर्ड 7 नवंबर को इंटर और 15 नंवबर को मेट्रिक के लिए मॉडल पेपर जारी करने वाला है, ताकि विद्धार्थी नये परीक्षा पैटर्न को सही सही समझें और तैयारी करें। पूरे बदलाव में खास ये कि मेट्रिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के उत्तर ओएमआर सीट में देना होगा, बल्कि इंटर में ये नियम नहीं होगा। ये सारे नियम 2018 के मेट्रिक और इंटर परीक्षा में लागू होंगे।

मंगल ग्रह (Mars) इनके पूर्वजों का है?

क्या आप सोच सकते हैं कि धरती से सैकड़ों-हजारों मील दूर मंगल ग्रह पर किसी का अधिकार हो सकता हैं? शायद आपका भी जबाब न होगा, मेरा भी ऐसा ही मानना था पर ये गलत साबित हुआ । दुनिया में बहुत से लोग है जिनका मानना है कि सभी ग्रहों पर उनके पूर्वजों का अधिकार रहा है तो उस हिसाब से अब उनका अधिकार है। आईए जानते है वो कौन हैं जिनका अधिकार है मंंगल ग्रह पर... 1997  में यमन के तीन लडकों, एडम इस्माईल, अब्दुलाह-अल-उमेरी और मुस्तफा खलील ने अपने देश यमन के सरकारी अभियोक्ता के जरिए सयुंक्त राज्य अमेरिका को उसके अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) पर मुकदमा करने का किया, उन लडकों के मुकदमें के अनुसार नासा को अगर मंगल ग्रह या किसी भी ग्रह पर किसी भी तरह का कोई भी रिसर्च करने से पहले उनकी अनुमति लेनी होगी क्योंकि ये ग्रह उनके पूर्वजों का है पर यमन के समझदार अभियोक्ता ने ऐसा करने की सोचने के लिए भी उन लडकों का डांटा और आगे ऐसा करने पर जेल भेजने की भी धमकी दी। 1967, में अमेरिका ने बाहरी अंतरिक्ष से संबंधित एक अनुबंध बनाया कि अंतरिक्ष के किसी भी ग्रह पर किसी भी देश या व्यक्ति का कोई अधिकार नहीं होगा और यमन भी उस ...

जाने बिहार के 5 अमीर अरबपतियों के बारे में

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बिहार, भारत का एक ऐसा राज्य जिसकी पहचान गरीबी, अशिक्षा, पिछडेपन से की जाती है। क्या सिर्फ यही पहचान है बिहार राज्य की, जिसके गोद में मोर्य साम्राज्य ने दुनिया जीता, क्या यही पहचान है उस बिहार की जिसके छावं तले बुद्ध और महावीर को ज्ञान मिला, क्या यही वो जगह थी जहाँ के नालंदा से पुरी दुनिया शिक्षित हुई? तो हां यह वही भूमि है जहाँ भी कर्मवीर पैदा होते हैं। बिहारी समय के मारे जरुर है पर बेचारे तो बिल्कुल भी नहीं। जब इन्हें उचित अवसर मिला ये उन अवसरों को भूनाने में कोई कसर नही छोडे। आज मैं आपको इस गरीब बिहार के पाँच उन अमीर लोगों से परिचित कराउंगा जो सिर्फ बिहार, भारत या सिर्फ एशिया में ही नही बल्कि पुरी दुनिया में अपनी जोरदार उपस्थिति का डंका बजाते हैं। तो आइए जानते हैं वो कौन हैं:- 5. संजय झा - संजय झा का जन्म भागलपुर के सुल्तानगंज में 1963 में हुआ, वो वर्तमान में ग्लोबल फाउंडरीज के सीईओ हैं और इससे पहले वो साल 2008 में मोटोरोला मोबीलीटी के भी सीईओ रह चुके हैं। इससे पहले वो क्वालकोम् में भी सीओओ रह चुके हैं। जन्म- 1963 (53-54) जन्म स्थान- सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार वर्तमान प...

छठ महापर्व से जुडी मान्यताएं

छठ पर्व भारत में सूर्य उपासना से जुडा एक पर्व है, शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव और छठी माता में भाई -बहन का संबंध हैं। केरल का 'ओणम' , उतराखंड में 'उत्तरनारयण पर्व' , कर्णाटक का 'रथसप्तमी पर्व' और मुख्यरूप से बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड और नेपाल तराई क्षेत्र में मनाया जाने वाला छठ पर्व दर्शाता है कि भारत वर्ष किसी न किसी रूप में सूर्य का उपासक है। छठ महापर्व भी सूर्य उपासना से जुडा चार दिवसीय पर्व है। मान्यताएं और इतिहास:- रामायण से जुडी मान्यता:- भगवान राम के लंका विजय के बाद आयोध्या पहुचने पर रावन वध पाप से मुक्ति हेतु राजसूर्य यज्ञ किया गया वहाँ यज्ञ में आमंत्रित मुग्दल ऋषि ने सीता माता को कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य देव उपासना करने की सलाह दिए और इस मान्यता के अनुसार सीता माता के द्वारा ही पहली बार छठ पर्व मनाया गया। महाभारत काल से जुडी मान्यता :- सूर्य पुत्र कर्ण सूर्यदेव के बहुत बडे भक्त थे और दिनभर नदी मे खडे हो सूर्य भक्ति में लीन हो जाते थे। एक और मान्यता के अनुसार पांडवों का कौरवों से जुए में अपना सब कुछ हारने पर द्रौपदी छठ व्रत क...

Amazon दे रहा है 10% से 80%तक छूट

अभी दिवाली आने में सिर्फ दो दिन का समय शेष और कम्पनियां बम्पर आफर दे लगभग सभी सामानों पर। और इस सेल का नाम है ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल यहाँ 10% से 80% तक छुट दी जा रही है तो आप इस सुनहरे मौके का फायदा उठाने में देर न करे और अपने परिवार के साथ दिवाली की खुशियां मनाएं। यहाँ बाजार के मुकाबले बहुत ही सस्ते स्मार्टफोन, कपडे, घडिय़ां, जूते आदि मिल रहें है और लगभग सभी सामानों पर 10% से 80% तक डिस्काउंट मिल रहा है तो देर न करे, शापिंग करने के लिए साईड मे दिए हुए किसी भी Amazon का लिंक पर क्लिक करें या नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें- http://gestyy.com/w0LVbr

मुसलमान और इनकी दिक्कतें

मुसलमान , इस दुनिया के मानचित्र में एक बहुत बडा धर्म समुदाय है। कहने को तो ये बहुत ही शांतिप्रिय कौम मानते हैं अपने आप को पर इनको हर उस चीज से दिक्कत या यों कहें नफरत है जो इन्हीं के आसपास है। मौलाना साहब इनके धार्मिक गुरू होते हैं और ये कौम उनपर आँख मूंदकर आस्था रखते हैं , आस्था रखनी ही चाहिए क्योंकि ये उनके गुरू होते हैं। पर यही मौलाना साहब बहुत बार इस कौम के लिए रोडा बन जाते हैं , और इनका धर्म भी गजब का है हर घडी खतरे में आ जाती है। अभी हाल का   उत्तर - प्रदेश का वाक्या देखें तो पाएंगे कि इनका धर्म मुस्लिम   औरतों के सैलून जाकर सजने सुंदर दिखने से भी खतरे मे आ जाता है , मुस्लिम औरत अकेली कहीं जाए तो भी इस्लाम खतरे में , टेलीविजन देखने से भी इस्लाम खतरे   में , मंदिर   के घंटे की आवााज से खतरे मेें   और भी बहुत सारी चीजें जो किसी भी मनुष्य के जीवन का एक अंग बन गया उनसें भी इस्लाम खतरे में आ जाता है। ...

छुट गया वो

बसंत के आमोँ का मंजर, बरसात के पानी का भँवर, धधकती लू मेँ घर से बाहर शायद मुझे भुल गया        या छुट गया वो..........| पेडोँ पे अटखेलियाँ करना, नहरोँ मेँ गोते लगाना, रोज शाम मेँ झगडे होना शायद मुझे भुल गया         या छुट गया वो.........|| अब तो मुझे प्यारा है..... शहरोँ का खाली सा जीवन, हर ओर वो आधुनिकीकरण और सिर्फ अपने मेँ ही मग्न शायद मुझे भुल गया    या छुट गया वो......... बचपन|||

अपना लखीसराय

वो अपना धार्मिक अशोक धाम, वो माँ दुर्गा के चरणोँ को प्रणाम, वो रोज लगने वाली आम जाम, मन तो करता है बहुत कुछ पर यही तो है अपने लखीसराय की पहचान......| वो विद्धापीठ जो है शहर की जान, वो सिँदुर उद्धोग की भारत मेँ शान, वो क्यूल नदी जो देती हे फसलोँ को जान, मन तो करता है बहुत कुछ पर यही तो अपने लखीसराय की पहचान.............|| वो सूर्यगढा जो हे इतिहास का प्रमाण, वो क्यूल जहाँ होती है चारोँ ओर के रेलोँ का विराम , और मैँ क्या करुँ बखान मन तो करता हे बहुत कुछ पर यही तो हे अपने लखीसराय की पहचान..................|||

देश में तेजी से बढ़ रहा फूलों का कारोबार

भारत में लगभग 165500 हेक्टेयर भूमि पर फूलों की खेती की जाती है, जिसे और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्दय उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 1685 हजार टन खुले फूल और 472 हजार टन कट फ्लावर का उत्पादन हुआ। जिसमें से विश्वभर में 22518.58 मीट्रिक टन पुष्प कृषि उत्पाद का निर्यात करके 479.42 करोड़ रुपए जमा किए गए। भारतीय फूलों की जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में भारी मांग हैं। ऐसे में भारतीय फूलों की खेती (पुष्पकृषि) के बढ़ने की संभावना तेजी से बढ़ रही है। देश में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, राजस्थान और पश्चिम बंगाल प्रमुख पुष्पकृषि केंद्र के रूप में उभरे हैं। वहां की राज्य सरकारों ने केन्द्र की मदद से अपने राज्य में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं।  पुष्पकृषि उत्पादों में मुख्य रूप से खुले पुष्प, पॉट प्लांट, कट फ़ोइलेज, सीड्स बल्बस, कंद, रुटेड़ कटिंग्स और सूखे फूल व पत्तियां सम्मिलित हैं। प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पुष्पकृषि में खुले गुला...

आईआरसीटीसी (IRCTC) टिकट बुकिंग एजेंट बने और कमाएं

नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग एजेंट/एजेंसी खोलकर आप बढ़िया पैसे कमा सकते हैं। यह काम आप न के बराबर इन्वेस्टमेंट से शुरू कर सकते हैं। आईआरसीटीसी की ई-टिकटिंग वेबसाइट से रोज लाखों टिकट बुक किए जाते हैं और ऑथराइज्ड टिकट बुकिंग एजेंसी से आसानी से बढ़िया रकम कमाई जा सकती है।  इस काम से एजेंट को 10 रुपए (स्लीपर) और 20 रुपए (एसी क्लास) की कमाई प्रति बुकिंग पर हो सकती है। जिनती ज्यादा बुकिंग उतनी ज्यादा कमाई। तो चलिए जानते हैं आप कैसे यह काम शुरू कर सकते हैं। एजेंट बनने के लिए आनलाइन अप्लाई कैसे करें :- पहला तरीका :  एजेंसी पाने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसका एक तरीका http://ceesty.com/q9QnHV या  erail.in  पोर्टल के इस्तेमाल का है। यहां आपको अपनी डीटेल्स भरनी होंगी और फिर रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद IRCTC के संबंधित अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे। टिकट बुकिंग एजेंसी शुरू करने के लिए आपको 30 हजार रुपये (20 हजार रीफंडेब्ल) की वन टाईम रजिस्ट्रेशन फीस भी भरनी होगी। दूसरा तरीका :  एजेंसी पाने के लिए  CSC (register.csc.gov.in) ...

कल आज और कल -2

अब आते है मुद्दे पर, जैसा हम अपने आसपास देख सकते हैं कि एक खास धार्मिक समुदाय अचानक से डर गया, जो गलत है, एक आम इंसान तभी डर का अनुभव करता है जब उसे किसी से किसी भी प्रकार का खतरा दिखाई दे। पर जब वो डर जाते हैं तो आम इंसान से के जैसे घर के कोने मे दुबकते नही हैं बल्कि वो डर के कारण अपने आसपास की हर संपति को नुकसान पहुंचाते है आप खुद देखिए http://clkmein.com/q9jSIJ हाल ही में ये जयपुर में डर गये और क्या क्या हुआ। डर तो ये रोज ही जाते हैं, मंदिर के घंटे की आवाज़ से डर जाते हैं ये तो कभी भजन कीर्तन से डर जाते है । ये म्यांमार में मुस्लिमों पर जुल्म का विरोध अपने देश की संपति को नुकसान पहुंचा कर करते है आप खुद जांच सकते है इस लिंक पर  http://oke.io/OVEQ7F ये है आज का भारत । अब अगर आने वाले कल की बात करें तो क्या हम ऐसा ही भारत चाहते हैं? क्या ऐसे भारत में इंसान रह पाएंगे? क्या वो खुश होंगे जो हमें आजादी दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लडे? क्या हम फिर से दोस्त नहीं बन सकते? क्या हम ऐसा नहीं कर सकते कि तुम भी मेरी दिवाली में आओ और मैं भी तुम्हारे ईद मे ईदी दुं। मेरे ख्याल से आप भी...