अपना लखीसराय
वो अपना धार्मिक अशोक धाम,
वो माँ दुर्गा के चरणोँ को प्रणाम,
वो रोज लगने वाली आम जाम,
मन तो करता है बहुत कुछ पर
यही तो है अपने लखीसराय की पहचान......|
वो विद्धापीठ जो है शहर की जान,
वो सिँदुर उद्धोग की भारत मेँ शान,
वो क्यूल नदी जो देती हे फसलोँ को जान,
मन तो करता है बहुत कुछ पर
यही तो अपने लखीसराय की पहचान.............||
वो सूर्यगढा जो हे इतिहास का प्रमाण,
वो क्यूल जहाँ होती है चारोँ ओर के रेलोँ का विराम ,
और मैँ क्या करुँ बखान
मन तो करता हे बहुत कुछ पर
यही तो हे अपने लखीसराय की पहचान..................|||
वो माँ दुर्गा के चरणोँ को प्रणाम,
वो रोज लगने वाली आम जाम,
मन तो करता है बहुत कुछ पर
यही तो है अपने लखीसराय की पहचान......|
वो विद्धापीठ जो है शहर की जान,
वो सिँदुर उद्धोग की भारत मेँ शान,
वो क्यूल नदी जो देती हे फसलोँ को जान,
मन तो करता है बहुत कुछ पर
यही तो अपने लखीसराय की पहचान.............||
वो सूर्यगढा जो हे इतिहास का प्रमाण,
वो क्यूल जहाँ होती है चारोँ ओर के रेलोँ का विराम ,
और मैँ क्या करुँ बखान
मन तो करता हे बहुत कुछ पर
यही तो हे अपने लखीसराय की पहचान..................|||
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