बिहार बन गया वुहान?
डर का खेल बहुत ही निराला है। बिहार वो राज्य है जहाँ डर का खेल ही सबसे पहले खेला जाता है। चाहे बात लालू के 'जंगलराज' की हो या नीतीश के 'सुशासन' की, दोनो के ही शासन में डर एक सामान्य बात रही है। लोगों को 'भूरा बाल' का डर दिखाकर लालू सामाजिक न्याय के मशीहा बन गये, पर सच्चाई तो ये थी 'भूराबाल' ही लालू के शासन के सबसे पिसा हुआ वर्ग रहा पर ऐसा नहीं है कि सिर्फ नुकसान इसी वर्ग का हुआ, वास्तव मे बिहार के हर तबके को नुकसान हुआ, बिहारी होने के मतलब का नुकसान हुआ, बिहार के सामाजिक व्यवस्था को नुकसान हुआ, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं रोजगार का नुकसान हुआ। फिर नीतीश बाबू सुशासन का स्वर्णिम सपना बाजार मे बेचने निकले और वो एक सफल सेल्समैन साबित हुए उस सपने को बेचने मे। साल दर साल लोग इंतजार मे रहे, अब आएगा सुशासन - अब आएगा सुशासन पर सुशासन तो आने से रहा, पर नीतीश बाबू एक सफल सेल्समैन होने के नाते लालू के उस 'जंगलराज' का याद भी समय समय पर लोगों को दिलाते रहे कि आप 'सुशासन' नहीं खरीदोगे तो 'जंगलराज' खरीदना होगा आपको। और इसी 'जंगलराज' का डर दिखाकर ये पिछले 15 सालों से 'सुशासन' का अफीम बडे ही आसानी से बेचते रहे, इस अफीम के नशे से बिहार का चित्र धुंंधला दिखता तो 'सुशासन' बडा प्यारा लगता ।
पर फिर पटना मे गंगा माता का सुशासन बाबू से कुछ अनबन होते ही लोगों का नशा धीरे धीरे उतरने लगा, लेकिन जनता का क्या है फिर से सुशासन का अफीम लेने लगे फिर अचानक 'कोरोना' नाम के वुहानी (वुहान, चीन) दानव का आगमण हुआ पर नीतीश बाबू कहते रहे 'इ कोरोनमा हम्मर कुच्छो नय उखाड पाएगा' क्योंकि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार है इससे लडने के लिए पर कुछ ही दिनों मे सच्चाई 'जंगलराज' जैसी होने लगी।
उपर वाले की कृपा से पीएमसीएच से अपना पाला तो नहीं पडा पर एक दो बार गया जरुर हुं, भले ही पीएमसीएच बिहार का सबसे बडा अस्पताल हो पर सच्चाई ये है कि वहां लाशे भी सबसे ज्यादा होती है, सच्चाई ये है कि उनमे से बहुत लाशों को कुत्ते और चुहे साथ मिलकर बांटकर खाते है, सच्चाई ये है कि पीएमसीएच मे बेड खाली होते हुए भी मरीजों को फर्श पर लेटना पडता है, सच्चाई ये है नीतीश के 15 वर्षों के 'सुशासन के बावजूद 50% के आसपास डॉक्टर और नर्सों की सींटे खाली है, कोरोना तो विदेशी राक्षस है पर चमकी बुखार ही सच्चाई ही बिहार के अस्पतालों की सच्चाई है।
अभी बिहार मे कोरोना चरम पर है और हर दूसरे मिनट 'सुशासन' के 'जंगलराज' को नंगा कर के नचा रहा है।
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