कटाक्ष (बिहार विधानसभा चुनाव से पहले का लिखा हुआ)

नीतीशे कुमार के लिए..
अपराधियों का मन बढा, उनकी आई बहार
व्यापारी मारे जा रहे, मंदा है व्यापार
दारु, बंद बालू बंद, रो रहा बाजार
बिल्डिंग रोज बन रहे, दारु भी मिल रहा भरे बाजार
तस्कर और माफिया, कर रहे पुलिस की जय जयकार
युवा है परेशान, मांग रहे रोजगार
शिक्षक तो डूबे ही हैं, शिक्षा का भी हो गया बंटाधार
अफसरशाही चरम पर है, व्याप्त है भ्रष्टाचार
इतना होने पर भी, किस मुंह से आप आएंगे हमारे द्वार
आप ही बताइए, काहे नय करे विचार
15 सालों से आप ही हैं सर्वेसर्वा, चला रहे सरकार
कैसे आप पर भरोसा करें, कैसे चुने फिरो एक बार
सोच के देखिए हमार माननीय मुख्यमंत्री नीतीशे कुमार।

लालु के लाल के लिए

पर न भूले लालु के लाल
हमें आज भी याद है, 
आपके दौर के कारनामें और कमाल,
सडको पर बहती थी नाली, खून से रंगता था बाजार।
उद्योग में भले अव्वल थे,
पर वो व्यापार भी था कमाल,
अपहरण व्यापार चरम पर था,
हत्यारे होते थे मालामाल,
यह धंधा न मंदा था, न चलता था उधार।
बिहारी शब्द एक गाली था,
बिमारु कहलाता था अपना बिहार।
#LaluKeLal आप भी रखना ख्याल।

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