मुंगेर का दंगल

मुंगेर, बिहार का वो जिला जिससे अलग होकर बहुत सारे जिले बने, पर अगर बात लोकसभा क्षेत्र की होगी तो आज भी मुंगेर लोकसभा 6 विधानसभा क्षेत्र और तीन जिलों तक फैला हुआ है और हर चुनाव में मुंगेर चर्चा का विषय बन जाता है ।
अब जैसा कि 2019 आमचुनाव नजदीक है तो  जनवरी के मौसम में भी मुंगेर की राजनीति गर्म हो चुकी है।
पहले जदयू के एनडीए में शामिल होते ही तय माना जा रहा था कि जदयू से ललन सिंह ही मुंगेर लोकसभा से अपना दावा ठोकेंगे और हुआ भी कुछ वैसा ही और यहाँ से वर्तमान लोजपा सांसद वीना देवी भी मुंगेर छोडऩे को तैयार नहीं दिख रही थी, वो तो यहाँ तक धमकी दे चुकी थी कि एनडीए टिकट दे तो भी ठीक न दे तो भी मुंगेर से ही निर्दलीय मैदान में उतरेगी पर फिर पार्टी के मान मनौव्वल के बाद वो नवादा के लिए तैयार हुई, यहां तक सब ठीक था पर जैसे ही मोकामा विधायक बाहुबली अनंत सिंह महागठबंधन से या निर्दलीय मुंगेर पर अपना दावा ठोके तो सारा समीकरण अचनाक  समीकरण ही  बदल गया और रहा सहा कसर अनंत सिंह के उस रोड से ने पुरा कर दिया जिसे सिर्फ ताकत आजमाईश ही कहा जा रहा था।

अनंत सिंंह के इस कारनामे से एनडीए का हाथ पांव फुलना स्वभाविक ही तो अंनत सिंह के रिस्तेदार और जानीदुश्मन विवेका पहलान को समीकरण बिगाड़ने के लिए बाढ मे छोड दिया गया और अनंत सिंह के ही गांव लदमा में आयोजित एक कार्यकर्म मे ललन सिंह और एनडीए के नेताओं के साथ विवेका पहलवान की उपस्थिति इस माहौल को और गर्म करने का काम किया। अब आगे देखना है कि मुंगेर के इस दंगल से कौन पहलवान विजयी होके निकलता है।

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