बिहार बोर्ड और विवाद
जहाँ विवाद हो वहां बिहार
का नाम ऐसे ही जुड जाता हे, मतलब सीधा हे की बिहार मने विवाद, ऐसा हम नही कह रहे,
ऐसी ही तस्वीर बने गई है अपने बिहार की, कुछ बुरा अपनों ने किया हे कुछ परायों ने और ऊपर से कोई शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमा ले
तो और बड़ा विवाद |
पिछले कुछ वर्षो से बिहार के
बोर्ड रिजल्ट का इंतजार छात्र-छात्राओं से ज्यादा कूछ खोजी पत्रकार किया करते हैं
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भाई ये भी मानता हु की प्रोडिकल
साइंस एक कठिन विषय हे, वो बच्चों का विषय हे ही नही या तो उसे रूबी रॉय जैसी
बहुत ही होशियार कर सकती हे या फिर गणेश कुमार जैसा उम्रदार कर सकता हे और इसीलिए
मिडिया टॉप करने वालो पर पैनी नज़र रखे
रहते हैं मीडिया वाले और रखना भी चाहिए भाई आसमान से तारे तोड़ने जैसा विषय में टॉप
जो किया हे पर कहते हैं |
पर इस बार एक छात्रा नीट के एग्जाम में टॉप कर जाती हे संयोग कहिये की वो बिहार की हे, पूरा का पूरा मीडिया ब्रेकिंग न्यूज़ चलाता हे की भाई इस न्यूज़ को हमने ब्रेक किया हे, और बिहार के प्रतिभा का लोहा हर कोई न चाह कर भी मानता हे फिर दो दिन बाद बिहार बोर्ड का रिजल्ट आता हे और वो लड़की बिहार बोर्ड में भी टॉप कर जाती हे अब वही मीडिया ये साबित करने का कोशिश करती हे की अरे हम तो कह रहे थे बिहार की लड़की टॉप कर ही नही सकती ये तो फर्जी है |
और दो टके के YouTube चैनल पर न्यूज़
ब्रेक किया जाता हे की लडकी दिल्ली के आकाश में रेगुलर क्लास करती थी तो बिहार बोर्ड में
टॉप कैसे कर जाएगी यहाँ उसका अटेंडेंस
कैसे पूरा हो गया, वही मीडिया ये भी बड़े ही शान से जस्टिफाई करती हे की कोटा आईआईटी/मेडिकल तै यारी के लिए बेस्ट हे वहां हर साल लाखो बच्चे तै यारी करने जाते
हें तो यार ये क्यों नही ब्रेक करते की उन लाखो बच्चों का नामांकन किस स्कूल में
हें, सीबीएसई में या कोई स्टेट बोर्ड में या सभी के सभी कोटा के स्कूल में ही
सिर्फ दो टकिया YouTube चैनल पे व्यू पाने
के लिए इतना मत गिरो Gyaneshwer जी, बहुत बार जोर से गिरने पर दर्द भी बहुत होता है |

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